
सैहामालीगी में सीसी रोड निर्माण में मनमानी बिना वाइब्रेटर बिना लेवल जांच के सड़क निर्माण जारी, ग्रामीणों ने काम की गुणवत्ता पर उठाए गंभीर सवाल।
सैहामालीगी। ग्राम पंचायत सैहामालीगी में निर्माणाधीन सीसी रोड इन दिनों सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए काम की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना वाइब्रेटर मशीन के उपयोग और बिना उचित लेवल जांच के सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती और भविष्य में टिकाऊपन को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में जिस तरह से जल्दबाजी की जा रही है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि गुणवत्ता से ज्यादा काम पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि निर्माण के दौरान आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया ही नहीं अपनाई जा रही है, तो तैयार होने के बाद सड़क की गुणवत्ता और मजबूती की जिम्मेदारी कौन लेगा?
सरकारी राशि से निर्माण, फिर गुणवत्ता से समझौता क्यों?
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से सवाल किया है कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत सरकारी राशि का उपयोग निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी आखिर कौन कर रहा है। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क की मोटाई, लेवल, बेस, निर्माण सामग्री, कंक्रीट की गुणवत्ता तथा निर्माण प्रक्रिया की जांच करें। साथ ही स्वीकृत प्राक्कलन एवं निर्धारित मापदंडों के अनुसार कार्य हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी पैसे से बनने वाली सड़क में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि जांच में अनियमितता या निर्धारित मापदंडों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद शासन-प्रशासन निर्माण कार्य की जांच कराता है या फिर सवालों के बीच सीसी रोड का निर्माण इसी तरह जारी रहता है।



